नोएडा में यह कदम कई महीनों की योजना के बाद उठाया गया है। संबंधित पक्षों का कहना है कि ज़मीनी स्थिति को देखते हुए इसमें आगे बदलाव भी संभव हैं।
इस दौरान क्षेत्र की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा की गई और सुधार के कुछ बिंदु तय किए गए।
एक स्थानीय शिक्षक ने कहा, “युवाओं की भागीदारी इसमें सबसे अहम है, और यही आगे बदलाव लाएगी।”
इसके साथ ही आसपास के इलाक़ों में भी इसी तरह के कदमों पर विचार चल रहा है।
आयोजकों ने बताया कि अगला चरण जल्द शुरू किया जाएगा, जिसमें और इलाक़ों को शामिल किया जाएगा।
इससे जुड़ी अगली जानकारी सामने आने पर रिपोर्ट को अद्यतन किया जाएगा।
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