पटना में इस कार्यक्रम में अलग-अलग इलाक़ों से लोग शामिल हुए। आयोजकों ने बताया कि उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना और लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
इस दौरान क्षेत्र की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा की गई और सुधार के कुछ बिंदु तय किए गए।
एक स्थानीय महिला ने कहा, “हमें उम्मीद है कि यह व्यवस्था लंबे समय तक चलती रहेगी।”
स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने इसमें अपनी ओर से सहयोग देने की बात कही है।
फ़िलहाल इसे प्रायोगिक तौर पर लागू किया गया है; प्रतिक्रिया अच्छी रहने पर इसे स्थायी रूप दिया जा सकता है।
इससे जुड़ी अगली जानकारी सामने आने पर रिपोर्ट को अद्यतन किया जाएगा।
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