गया में इस विषय पर नागरिकों की राय बँटी हुई है, लेकिन ज़्यादातर लोग इसे सही दिशा में उठाया गया कदम मानते हैं।
स्थानीय प्रतिनिधियों का कहना है कि इस पर आने वाला ख़र्च उपलब्ध संसाधनों से पूरा किया जाएगा और काम की नियमित निगरानी होगी।
एक युवा प्रतिभागी ने बताया, “यहाँ मिली जानकारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में काम आएगी।”
इसके साथ ही आसपास के इलाक़ों में भी इसी तरह के कदमों पर विचार चल रहा है।
फ़िलहाल इसे प्रायोगिक तौर पर लागू किया गया है; प्रतिक्रिया अच्छी रहने पर इसे स्थायी रूप दिया जा सकता है।
इससे जुड़ी अगली जानकारी सामने आने पर रिपोर्ट को अद्यतन किया जाएगा।
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