लखनऊ में इस बदलाव को स्थानीय सुविधाओं को व्यवस्थित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। इसका ब्योरा इस प्रकार है।
इसके साथ ही आसपास के इलाक़ों में भी इसी तरह के कदमों पर विचार चल रहा है।
आयोजन समिति के एक सदस्य के अनुसार, “हमारी कोशिश है कि ज़्यादा से ज़्यादा लोग इससे जुड़ें और इसका फ़ायदा उठाएँ।”
कई निवासियों ने सुझाव दिया कि इस तरह की पहल को दूसरे इलाक़ों में भी दोहराया जाना चाहिए।
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