वाराणसी में यह कदम कई महीनों की योजना के बाद उठाया गया है। संबंधित पक्षों का कहना है कि ज़मीनी स्थिति को देखते हुए इसमें आगे बदलाव भी संभव हैं।
स्थानीय प्रतिनिधियों का कहना है कि इस पर आने वाला ख़र्च उपलब्ध संसाधनों से पूरा किया जाएगा और काम की नियमित निगरानी होगी।
एक स्थानीय महिला ने कहा, “हमें उम्मीद है कि यह व्यवस्था लंबे समय तक चलती रहेगी।”
बताया गया कि आगे की प्रगति की जानकारी समय-समय पर सार्वजनिक की जाएगी।
फ़िलहाल इसे प्रायोगिक तौर पर लागू किया गया है; प्रतिक्रिया अच्छी रहने पर इसे स्थायी रूप दिया जा सकता है।
इससे जुड़ी अगली जानकारी सामने आने पर रिपोर्ट को अद्यतन किया जाएगा।
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