द्वारका में सुबह से ही तैयारियाँ दिखीं और दिन चढ़ते-चढ़ते लोगों की भागीदारी बढ़ती गई। आयोजकों के मुताबिक़ यह हर साल की तरह इस बार भी उम्मीद से बेहतर रहा।
इस दौरान क्षेत्र की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा की गई और सुधार के कुछ बिंदु तय किए गए।
आयोजन समिति के एक सदस्य के अनुसार, “हमारी कोशिश है कि ज़्यादा से ज़्यादा लोग इससे जुड़ें और इसका फ़ायदा उठाएँ।”
संबंधित पक्षों ने भरोसा दिलाया कि लोगों की शिकायतों और सुझावों को समय-समय पर दर्ज किया जाएगा।
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