दिल्ली में सुबह से ही तैयारियाँ दिखीं और दिन चढ़ते-चढ़ते लोगों की भागीदारी बढ़ती गई। आयोजकों के मुताबिक़ यह हर साल की तरह इस बार भी उम्मीद से बेहतर रहा।
स्थानीय प्रतिनिधियों का कहना है कि इस पर आने वाला ख़र्च उपलब्ध संसाधनों से पूरा किया जाएगा और काम की नियमित निगरानी होगी।
क्षेत्र के एक व्यापारी ने बताया, “इस तरह की व्यवस्था से ग्राहकों और दुकानदारों दोनों को सहूलियत होगी।”
आयोजन में शामिल स्वयंसेवकों ने बताया कि तैयारी में कई दिन लगे और आगे भी सहयोग जारी रहेगा।
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